गुरुवार, 19 फ़रवरी 2026

योगासन कितने प्रकार की है ?

 


योगासन मुख्य रूप से कई प्रकार के माने जाते हैं। अलग–अलग ग्रंथों और परंपराओं में इनकी संख्या भिन्न बताई गई है।

📖 शास्त्रीय दृष्टि से

  • हठयोग प्रदीपिका में 15 प्रमुख आसनों का वर्णन है।

1 स्वस्तिकासन, 2. गोमुखासन, 3. वीरासन, 4. कूर्मासन, 5. कुक्कुटासन, 6. उत्तानकूर्मासन, 7. धनुरासन, 8. मत्स्येन्द्रासन, 9. पश्चिमोत्तानासन, 10. मयूरासन, 11. शवासन, 12. सिद्धासन, 13. पद्मासन, 14. सिंहासन, 15. भद्रासन।

  • घेरंड संहिता में 32 आसनों का वर्णन मिलता है।

1 सिद्धासन, 2. पद्मासन, 3. भद्रासन, 4. मुक्तासन, 5. वज्रासन, 6. स्वस्तिकासन, 7. सिंहासन, 8. गोमुखासन, 9. वीरासन, 10. धनुरासन, 11. मृतासन, 12. गुप्तासन, 13. मत्स्यासन, 14. मत्स्येन्द्रासन, 15. गोरक्षासन, 16. पश्चिमोत्तानासन, 17. उत्कटासन, 18. संकटासन, 19. मयूरासन, 20. कुक्कुटासन, 21. कूर्मासन, 22. उत्तानकूर्मासन, 23. मण्डूकासन, 24. उत्तानमण्डूकासन, 25. वृक्षासन, 26. गरुड़ासन, 27. वृषासन, 28. शलभासन, 29. मकरासन, 30. उष्ट्रासन, 31. भुजंगासन, 32. योगासन।

  • महर्षि पतंजलि के योगसूत्र में आसनों की संख्या नहीं बताई गई, केवल “स्थिर और सुखद” आसन की बात कही गई है।

परंपरा के अनुसार 84  आसन माने जाते हैं, जिनमें से 84 मुख्य और 32 विशेष महत्वपूर्ण बताए गए हैं। परंपरा में 84 आसनों की सूची विभिन्न ग्रंथों व परंपराओं में भिन्न-भिन्न रूप से मिलती है, एक सार्वभौमिक मानक सूची उपलब्ध नहीं है। एक प्रचलित पारंपरिक क्रम इस प्रकार दिया जाता है —


1. सिद्धासन, 2. पद्मासन, 3. स्वस्तिकासन, 4. वज्रासन, 5. वीरासन, 6. भद्रासन, 7. मुक्तासन, 8. गोमुखासन, 9. मत्स्यासन, 10. मत्स्येन्द्रासन, 11. पश्चिमोत्तानासन, 12. मयूरासन, 13. कुक्कुटासन, 14. कूर्मासन, 15. उत्तानकूर्मासन, 16. धनुरासन, 17. शलभासन, 18. भुजंगासन, 19. मकरासन, 20. उष्ट्रासन, 21. वृक्षासन, 22. गरुड़ासन, 23. उत्कटासन, 24. ताड़ासन, 25. पर्वतासन, 26. नौकासन, 27. चक्रासन, 28. सर्वांगासन, 29. हलासन, 30. शीर्षासन, 31. सिंहासन, 32. गोरक्षासन, 33. मण्डूकासन, 34. उत्तानमण्डूकासन, 35. योगमुद्रासन, 36. पवनमुक्तासन, 37. अर्धमत्स्येन्द्रासन, 38. त्रिकोणासन, 39. अर्धचक्रासन, 40. कटिचक्रासन, 41. वृषासन, 42. शशांकासन, 43. बद्धकोणासन, 44. उत्तानपादासन, 45. सुप्तवज्रासन, 46. सुप्तपद्मासन, 47. तितलीासन, 48. अर्धपद्मासन, 49. कन्दासन, 50. पादहस्तासन, 51. उत्थितपादासन, 52. द्विपादशीर्षासन, 53. एकपादशीर्षासन, 54. अकर्णधनुरासन, 55. पार्श्वकोणासन, 56. उत्थितत्रिकोणासन, 57. परिवृत्तत्रिकोणासन, 58. अर्धचन्द्रासन, 59. परिवृत्तपार्श्वकोणासन, 60. प्लवासन, 61. काकासन, 62. बकासन, 63. हंसासन, 64. लोलासन, 65. तोलासन, 66. भेकासन, 67. शीतलीासन, 68. पार्वतीासन, 69. अनन्तासन, 70. शवासन, 71. योगनिद्रासन, 72. विपरीतकरणी, 73. सेतुबंधासन, 74. उर्ध्वमुखश्वानासन, 75. अधोमुखश्वानासन, 76. नटराजासन, 77. उत्तानासन, 78. पार्श्वोत्तानासन, 79. उष्ट्रासन, 80. दण्डासन, 81. अर्धशलभासन, 82. पूर्णशलभासन, 83. भुजपीडासन, 84. योगासन।


🧘‍♂️ अभ्यास की दृष्टि से योगासन के प्रकार

व्यवहारिक रूप में योगासन को इन श्रेणियों में बाँटा जाता है:

  1. बैठकर किए जाने वाले आसन
    1. सिद्धासन, 2. पद्मासन, 3. स्वस्तिकासन, 4. वज्रासन, 5. वीरासन, 6. भद्रासन, 7. मुक्तासन, 8. गोमुखासन, 9. मत्स्येन्द्रासन, 10. पश्चिमोत्तानासन, 11. गोरक्षासन, 12. मण्डूकासन, 13. उत्तानमण्डूकासन, 14. कूर्मासन, 15. उत्तान कूर्मासन, 16. योगमुद्रासन।

  2. खड़े होकर किए जाने वाले आसन
    जैसे – ताड़ासन, त्रिकोणासन

  3. पीठ के बल लेटकर किए जाने वाले आसन
    जैसे – शवासन, पवनमुक्तासन

  4. पेट के बल लेटकर किए जाने वाले आसन
    जैसे – भुजंगासन, शलभासन

  5. संतुलन वाले आसन
    जैसे – वृक्षासन, गरुड़ासन

  6. उल्टे (इन्वर्जन) आसन
    जैसे – शीर्षासन, सर्वांगासन

यदि संक्षेप में कहें तो –
👉 शास्त्रों में योगासन की संख्या सीमित (15, 32 आदि) बताई गई है,
👉 परंपरा में 84 मुख्य,
👉 और आधुनिक योग में सैकड़ों प्रकार प्रचलित हैं।


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें